गुपाल बिनय कामना रस माधुरी

[  १     ] [ गुपाल बिनय कामना रस माधुरी ]     ।। बिनबऊं   नाथ   दोऊ  कर  जोरी ।। युगल चरन मन रमैं हमारौ       हिऐ     लालसा     मोरी । नटखट मोहन संग बिराजी          श्री जी अति मन  भोरी । भुवन लुभाबन रूप निहारत  …

गुपाल प्रेम रस माधुरी

[ १ ] [  गुपाल प्रेम रस माधुरी] ।।  मोहन    मधुबन  धैनू चराबत ।। पीत बसन लहरत हरि कंधा   मोर पंख सिर छाबत । प्यारी बंसी प्रभु प्यारी धुन      बन बेलउ  लहराबत । नील गगन दामिन सी सोभा   दंतपंक्त  मन भाबत। कान्हा की  सोभा को  बरनै  रति  देबउ  …

गुपाल हिय उदगार रस माधुरी

              [  १   ]   [  गुपाल हिय उदगार रस माधुरी] ।।  माया मोइ निसदिन नाच नचाबै ।। मिथ्या चकाचोंध सी कौंधत  मनुआ   गोता  खाबै  । पैठत गहरे मैं कबऊ             फिर ऊपर  कूं  आबै  । हौं तेरो तात जननि इहि तेरी  भ्राता  प्रिय अति भाबै …

गोपाल अलौकिक रस माधुरी

           [   १  ]     [  गुपाल अलौकिक रस माधुरी ]            ।। सांबरे तो सौ नांहि कृपाला ।। भारत में पारथ रथ हांक्यौ   तुमइ नंद के लाला । स्यामा चीर बढायौ केतौ हे प्रभु  दीन दयाला । भगत जान भीसम प्रन राख्यौ  चक्र लीन ज्यों काला …

श्री गोपाल धर्म कीर्तन रस माधुरी

|| गोपाल कीर्तन ||   श्रीकृष्ण भजौ श्रीकृष्ण कहो     श्रीकृष्ण माधव सार है । श्रीकृष्ण कृपासागर जगत            कृष्ण कृपा संसार है । श्रीकृष्ण करुणा दयासागर           दयालू दयावतार है । कृष्णा मानव जीत ‘’गुपाला ‘’श्रीकृष्ण बिन सब हार है । श्रीकृष्ण …

नारी करुणाकर कीर्तन रस माधुरी

श्रीकृष्ण भजौ श्रीकृष्ण कहो       श्रीकृष्ण माधव सार है । श्रीकृष्ण कृपासागर जगत             कृष्ण कृपा संसार है । श्रीकृष्ण करुणा दयासागर              दयालू दयावतार है । कृष्णा मानव जीत ‘’गुपाला ‘’श्रीकृष्ण बिन सब हार है । श्रीकृष्ण राधे भजौ …

श्रीगोपाल मथुरा कीर्तन रसमाधुरी

|| गोपाल कीर्तन || श्रीकृष्ण भजौ श्रीकृष्ण कहो       श्रीकृष्ण माधव सार है । श्रीकृष्ण कृपासागर जगत             कृष्ण कृपा संसार है । श्रीकृष्ण करुणा दयासागर              दयालू दयावतार है । कृष्णा मानव जीत ‘’गुपाला ‘’श्रीकृष्ण बिन सब हार है …

श्री गोपाल कृष्ण कृष्ण श्रीकृष्ण कीर्तन रस माधुरी

श्रीकृष्ण भजौ श्रीकृष्ण कहो       श्रीकृष्ण माधव सार है । श्रीकृष्ण कृपासागर जगत             कृष्ण कृपा संसार है । श्रीकृष्ण करुणा दयासागर              दयालू दयावतार है । कृष्णा मानव जीत ‘’गुपाला ‘’श्रीकृष्ण बिन सब हार है । श्रीकृष्ण राधे भजौ …

श्री गोपाल गोकुल तजन नमन कीर्तन रस माधुरी

    श्री गोपाल गोकुल तजन नमन कीर्तन रस माधुरी सबके  बल  गिरिराज उठायो   मथुरा  हलकौ हलकौ  काम । रिनी रहूँ  अब  जान दो  मोहि  बृज  भूमि  कूं  कोटि  प्रनाम । मोय   आन प्रिय मैया   बाबा    अपने   मन   राखूं  ब्रज धाम । कोई  भाव  मोहि  नर   सुमरै   बन   जांयेंगे  …

श्री गोपाल अलौकिक काज कीर्तन रस माधुरी

श्री गोपाल अलौकिक काज कीर्तन रस माधुरी              नतमस्तक कर ढोक दिवाई  वरुन गहे  श्रीनन्द जु पाम । नर कूबर  मुक्ती  कर दीनीं    घुटअन खेल खेल मैं स्याम। इंद्र मान मरदन हरि कीनों      हार मान आने ब्रज धाम । सरनागत  हो स्तुति  …