Fag kamna

जलें बुराई मन अंतर्मन पर्व होलिका पावन ।
जलें भ्रांति जीवन संशय सब  जलें विचार अपावन ।
दुराग्रह हठबंध जलें सभी     ज्वाला पावन दाह न  ।
जलजाय सब रूढ़िवादिता ज्ञानमार्ग शुभ कारण ।
होली सतरंगी वर्षा जग रंग जाये रंगायन ।
रंग बिरंगे तन मन हों रंग बिरंगे हों आंगन ।
रंग बिरंगे रसिया होंवें रंग बिरंगे कामिन  ।
फागुन फ़ाग खेल सुख पावें पिचकारी पिचकावन।
श्रृंगारी श्रृंगार सुहावन फ़ाग मास मन भावन।

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