कृष्णा जय श्री कृष्णा आशीर्वचन

कृपा कृष्ण की रहे साल भर उन्नति के शिखरों को छूलो।
साधन बनें सुगमता से       लक्ष्य न तुम कोई भी भूलो।
अपनी अपनी मंजिल पाओ आशीर्वाद हमारा है।
दो हजार छह रहे याद ये दायित्व तुम्हारा है।
दायित्व रहे याद तो सफलता चरण चूम लेगी।
समृद्धि सोपान खुलेंगे ही तुम्हें अंक मैं भर लेगी।
इसलिये उठो छोडो आलस बिन रण जय पाई किसने।
हार भी सदा जीत मैं बदले सार्थक प्रयत्न किये जिनने।

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