कृष्णा जय श्री कृष्णा

जय घोषों तुमुल सुरों मैं मेरा स्वर भी खो जाये।
थान सको जो ठान हिरदय मैं कुंवर वही मिल जाये।
मंजिल सब हों कदम तुम्हारे पाओ सब जो मन भाये।
कीर्ति पताका दूर दूर तक धरा काश पर फहराये।
मंजिल सब हों कदम तुम्हारे पाओ सब मन भाये।
कीर्ति पताका दूर दूर तक धरा काश पर फहराये .
नापो मही जगत सारा तुम अभियान न रोके रुक पाये।
होय सुवासित जीवन धारा कुल कुटम्ब को महकाये।
जन्म दिवस का पावन अवसर कर्म धर्म पथ बन जाये।
आशीर्वचन तात का कृष्ण कृपा भी तू पाये।

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