krishna jai shree krishna कृष्णा जय श्री कृष्णा

कृष्ण कृष्ण कहता हूँ तो दिल भर आता है।
गीता ज्ञान स्फुरित होता मन महकाता है।
अन्यायों का प्रतिकार करुँ साहस लाता है।
हार निराशा मैं आ श सूरज चमकाता  है।
साहस बढ़ जाता मेरा बल बढ़ जाता है।
केवल पाथ धरम का मुझे नजर आता है
भाई बंधु न कोई दीखता करम धरम बन जाता है
अजर अमर है आत्मज्योति सन्देश लुभाता है।
जीना मरना डरना भगना सब छुप जाता  है

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