हिन्दी हिन्दुस्तान 

हिन्दी हिन्दुस्तान    पखवाडौ ,हिंदी, मनैं     ,” गुपाल  “ गाथा, , गॉय ।  दै ,विसार, फिर ,साल   ,भर ,बैठै ,मौज ,मनॉंय । बैठै, मौज, मनॉंय ,    देख ,कें ,अग्रेजी, मूवी । बहस ,होय ,अंग्रेजी, में, सब, नेतान, की, खूबी । अग्रेजी, में, जगें ,सोय ,रहै, अंग्रेजी, में ।अंग्रेजी ,में, …

हिंदी दिवस १४ सितम्बर २०१८

हिंदी दिवस ,उत्सव हिंदी, वासी हिन्द मनाते हैं। चौदह सितम्बर भाषा दिन नाना खेल रचाते हैं। जय हिंदी जय     हिंदघोष जोर शोर से होता है। औपचारिकता पखवाड़े तक फिर भारत सब सोता है। कर्ण धार सब जान रहे हिंदी तो मुद्रा रुपया है। डालर अमरीकी अंग्रेजी उपमा एकदम बढ़िया …

—————–स्वादू —————————-

—————–स्वादू —————————-   संन्यासी कै राज ऋषि कै मुकुट बंद भूपाल / ऊँचे सिंहासन विराजत ईर्ष्या होंत  गुपाल   / भोग करें तज त्याग कूँ आश्रम फाइव स्टार / कष्ट न तनकहु सह सकें बातन कौ व्यापार  / सही न जाये जिन धुप और जाड़े की बयार / एसी मैं …

 ——————   साधू —————–

  ——————   साधू —————–   निज कल्याण और लोक हित त्यागे जिन घरवार / भिक्षा से जो करत हैं निज  उदर पूर्ति    व्यवहार  / त्याग तपस्या संतोष जिन  जीवन   के   आधार  / आवश्यकता तज दीन सब       प्राण हेतु आहार  / परोपकार मैं रत रहें …

एक ,अमानवीय ,कृत्य ,भ्रुण हत्या 

परमोधर्म ,अहिंसा , ही  ,  जहाँ, की     ,पुरातन ,थाती ,हो / चींटी ,और ,चिटावर, भी ,हर  ,रोज ,   जिमाई जाती, हो  / मछलियों ,का ,दाना पानी             ,पुण्य कर्म माना ,जाता / तरुवन ,जल ,जंगम ,सबको         ,नेह ,देय पाला …

पूरब की बेटी

पूरब की बेटी  बेबस,  और ,निरीह ,औरत ,  को         ,     पद, मान, दिलाने ,वाली ।पाकिस्तानी  ,   तंग   ,गलियौं,  मैं         , सम्मान ,   दिलाने ,   वाली ।  परदा , छोड़ ,  मंचौ , से, भाषण       …

श्रं गार पर्व फाग उत्सव होली

           [ १ ] श्रं गार पर्व     फाग उत्सव , का, पर्व ,तुम्हारा         ,    यादगार ,  पल,   बन   ,जाये ।रंगौं ,की ,बरसात ,करे  , ये              , मन    मंदिर ,   को   …

नवबर्ष की शुभ कामना 

                   [ १ ]   नवबर्ष की शुभ कामना स्वप्निल हो ये साल तुम्हारा मंजिल देने वाला । खुशियॉं पाओ खुशिंयॉं बॉटौ धन से भरने वाला । अर्थ काम को देने वाला हो तुमको ये नव वर्ष । बाधा बिघ्न फूल बन जावें बॉंटै …

स्वतंत्रता पर्व पंद्रह अगस्त

पंद्रह अगस्त २०१५  रामगोपाल सिनसिनवार    आओ  ,हिल , मिल , सब              हर्ष , मनाएँ  / पावन पर्व ,स्वतंत्रता को, समझें ,और समझाएँ / स्वतंत्रता ,अर्थ नहीं    ,             हम ,    अधिकारों ,का दमन करें / स्वतंत्रता …