Jigyasu man जिज्ञासु मन

पूछूँ किसको में नमन करूँ । बोलो उसको में नमन करूँ । धर्मपाथ जिनके जीवन पथ  पग पग गोचर होता है । त्याग तपस्या साधक नर जो होश कभी न खोता है। पूछूँ किसको में नमन कह दो उनको मैं नमन करूँ । मानवता हितार्थ मनुज  जो इतिहास बना जाते …

मन की उलझन

मन करता है दे दूँ  सारा                     जो जीवन मैं पाया। मन भी बाँटूँ धन भी बाँटूँ                     बाँटूँ अपनी काया। ज्ञान ध्यान सब मिल बाँटों                निरमल …