——————   साधू —————–

  ——————   साधू —————–   निज कल्याण और लोक हित त्यागे जिन घरवार / भिक्षा से जो करत हैं निज  उदर पूर्ति    व्यवहार  / त्याग तपस्या संतोष जिन  जीवन   के   आधार  / आवश्यकता तज दीन सब       प्राण हेतु आहार  / परोपकार मैं रत रहें …

एक ,अमानवीय ,कृत्य ,भ्रुण हत्या 

परमोधर्म ,अहिंसा , ही  ,  जहाँ, की     ,पुरातन ,थाती ,हो / चींटी ,और ,चिटावर, भी ,हर  ,रोज ,   जिमाई जाती, हो  / मछलियों ,का ,दाना पानी             ,पुण्य कर्म माना ,जाता / तरुवन ,जल ,जंगम ,सबको         ,नेह ,देय पाला …

पूरब की बेटी

पूरब की बेटी  बेबस,  और ,निरीह ,औरत ,  को         ,     पद, मान, दिलाने ,वाली ।पाकिस्तानी  ,   तंग   ,गलियौं,  मैं         , सम्मान ,   दिलाने ,   वाली ।  परदा , छोड़ ,  मंचौ , से, भाषण       …

श्रं गार पर्व फाग उत्सव होली

           [ १ ] श्रं गार पर्व     फाग उत्सव , का, पर्व ,तुम्हारा         ,    यादगार ,  पल,   बन   ,जाये ।रंगौं ,की ,बरसात ,करे  , ये              , मन    मंदिर ,   को   …

नवबर्ष की शुभ कामना 

                   [ १ ]   नवबर्ष की शुभ कामना स्वप्निल हो ये साल तुम्हारा मंजिल देने वाला । खुशियॉं पाओ खुशिंयॉं बॉटौ धन से भरने वाला । अर्थ काम को देने वाला हो तुमको ये नव वर्ष । बाधा बिघ्न फूल बन जावें बॉंटै …

स्वतंत्रता पर्व पंद्रह अगस्त

पंद्रह अगस्त २०१५  रामगोपाल सिनसिनवार    आओ  ,हिल , मिल , सब              हर्ष , मनाएँ  / पावन पर्व ,स्वतंत्रता को, समझें ,और समझाएँ / स्वतंत्रता ,अर्थ नहीं    ,             हम ,    अधिकारों ,का दमन करें / स्वतंत्रता …

हिन्दी हिन्दुस्तान

हिन्दी हिन्दुस्तान पखवाडौ ,हिंदी, मनैं ,” गुपाल ” गाथा, , गॉय । दै ,विसार, फिर ,साल ,भर ,बैठै ,मौज ,मनॉंय । बैठै, मौज, मनॉंय , देख ,कें ,अग्रेजी, मूवी । बहस ,होय ,अंग्रेजी, में, सब, नेतान, की, खूबी । अग्रेजी, में, जगें ,सोय ,रहै, अंग्रेजी, में । अंग्रेजी ,में, नमन …

वंदनीय भारत भूमि

       वंदनीय     भारत भूमि  शश्यश्यामला भारत भूमी                 ,  अनुपम  छटा मनोहर । उन्नत शैल  शिखर मनमोहक          , कल कल झरते निर्झर   । आँख मिचौली करतीं सलिला          ,   पुलकित करती जीवन  । संपूरण    धन …

घर का अवतार

                घर   का   अवतार                               —————————- मोहन की माँ देखो मैं अपने लिए खददर की मंहगी कमीज तथा ब्रासलेट की धोती लाया हूँ /  सुनकर बुद्धो दांतो मैं पल्लू दबा हंसने …